500+ मजेदार पहेलियाँ उत्तर सहित | 500+ Paheliyan in Hindi with Answer

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Paheliyan in Hindi with Answer

Paheliyan in Hindi with Answer

पहेलियाँ हमारे सामाजिक और मानसिक संवाद का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। ये रोचक प्रश्न-उत्तर गतिविधि हमें मनोरंजन के साथ-साथ विचारशीलता और ताजगी का अनुभव कराती हैं। पहेलियों की सरलता से हर कोई इन्हें समझ और सोचने का अवसर प्राप्त कर सकता हैं। ये मनोविज्ञानिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह हमारी मानसिक क्षमता, मानसिक धारणा और समस्याओं को समाधान करने की क्षमता को सुधारती हैं। विभिन्न विचारधाराओं से परिपूर्ण पहेलियाँ हमारे सोचने के नए नए अवसर प्रदान करती हैं और हमें नए रास्तों का पता लगाने में मदद करती हैं।

100 मजेदार पहेलियाँ उत्तर सहित | 100 Majedar Paheliyan Answer Ke Sath

एक ऐसा जीव धरती पर,
होता रस्सीनुमा बदन।
कान जिसके होते हीं नहीं,
सर पर बनता फन।

उत्तर – साँप
ऊंट की बैठक,
हिरण सी तेज चाल।
वो कौन सा जानवर,
जिसके पूंछ न बाल।

उत्तर – मेंढक
पीकर पानी पेट भर,
फेफड़े कर लूँ तर।
मुंह से फिर फेंकू हवा,
ठंडा हो जाए घर।

उत्तर – कूलर
जब भी आए, होश उड़ाए,
फिर भी कहते हैं कि आए।

उत्तर – नींद
गोल हूं पर गेंद नहीं
पूंछ है पर पशु नहीं
पूंछ पकड़कर खेलें बच्चे
फिर भी मेरे आंसू न निकलते।

उत्तर – गुब्बारा
बालक में मैं एक बार,
बलशाली में आऊँ दुबारा।
नहीं मिलूँगा तुम्हें बजट में,
बताओ तो मैं कौन हूँ यारा।

उत्तर – “ल”
पंख नहीं पर उड़ती हूँ,
हाथ नहीं पर लड़ती हूँ।

उत्तर – पतंग
एक लाठी की सुनो कहानी,
भरा इसमें मीठा पानी।

उत्तर – गन्ना
तीन पैर जिसके,
थोड़ा-थोड़ा खिसके।
चौबीस घंटे करे काम,
करे नहीं तनिक आराम।

उत्तर – घड़ी
डब्बे पर डब्बा, डब्बे का गाँव, 
चलती फिरती बस्ती है, लोहे के पाँव।

उत्तर – रेलगाड़ी
एक पैर है काली धोती
जाड़े में वह हरदम सोती
गर्मी में है छाया देती
सावन में वह हरदम रोती।

उत्तर – छतरी
सबसे छोटी जीव कहलाऊँ,
घर-घर में मैं पाई जाऊँ।
मीठा मेरा प्रिय आहार,
मेहनत करना मेरा काम।

उत्तर – चींटी
कमर पतली है, पैर सुहाने,
कहीं गए होंगे बीन बजाने।

उत्तर – मच्छर
चार कोनों का नगर बना
चार कुंए बिन पानी
चोर 18 उसमें बैठ लिए,
एक रानी, आया एक दरोगा
सबको पीट-पीट कर कुंए में डाला
बताओ मैं कौन?

उत्तर – कैरम बोर्ड
प्रथम कटे तो लीन हो जाऊँ,
मध्य कटे चावल बन जाऊँ।
अंत कटे तो भार हो जाऊँ,
किसी देश का नाम कहाऊँ।

उत्तर – भारत
राजा के महल में रानी पचास,
सिर पटके दीवार से, जलकर होए राख।

उत्तर – माचिस
मुझमें भार सदा ही रहता
जगह घेरना मुझको आता
हर वस्तु से गहरा रिश्ता
हर जगह मैं पाया जाता।

उत्तर – गैस
पुरुषों के है सिर पर सजती,
हर रंग में हैं ये मिलती।
सिखों का तो है यह मान,
बोलो बच्चो इसका नाम।

उत्तर – पगड़ी
अगर नाक पर मैं चढ़ जाऊँ,
तो कान पकड़कर खूब पढ़ाऊँ।

उत्तर – चश्मा
पत्ते के अंदर है बंद
स्वादिष्ट जैसे कलाकंद
बाजार हो या मेला
खाया जाता है अकेला

उत्तर – केला
नाना ने नानी से
बुझी एक पहेली।
सुबह आती शाम को जाती,
दुल्हन नई नवेली।

उत्तर – सूरज
एक गुफा के दो रखवाले,
दोनों लंबे, दोनों काले।

उत्तर – मूंछें
तीन अक्षर का उसका नाम,
उल्टा-सीधा एक समान,
आवागमन का प्रमुख साधन,
बोलो बच्चों उसका नाम ?

उत्तर – जहाज
दूध का पोता,
दही का बच्चा,
सब पीते हैं उसे कच्चा।

उत्तर – लस्सी
मैं मरती हूँ, मैं कटती हूँ।
पर रोते हो तुम, पहचानो कौन हूँ मैं।

उत्तर – प्याज
कर बोले कर ही सुने,
श्रवण सुने नहीं थाह,
कहें पहेली बीरबल,
बूझो अकबर शाह!

उत्तर – नब्ज़ (नाड़ी)
दूर की वस्तु का दर्शन,
विज्ञान का एक चमत्कार।
बता रानी! क्या है
जे एल बेयर्ड का अविष्कार ?

उत्तर – दूरदर्शन
एक राजा की अनोखी रानी,
दुम के सहारे पीती पानी।

उत्तर – दीपक
प्रथम कटे तो दर हो जाऊं,
अंत कटे तो बंद हो जाऊं,
केला मिले तो खाता जाऊं,
बताओ मैं हूँ कौन

उत्तर – बंदर
मुर्गी अंडा देती है,
गाय दूध देती है।
तो ऐसा कौन है, जो
अंडा और दूध दोनों देता है।

उत्तर – दुकानदार
मेरे नाम से सब डरते हैं,
मेरे लिए परिश्रम करते हैं।

उत्तर – परीक्षा
चार टांग की हूँ एक नारी,
छलनी सम मेरे छेद,
पीड़ित को आराम मैं देती,
बतलाओ भैया यह भेद?

उत्तर – खटिया (चारपाई)
न कोई छोटी, न कोई बड़ी,
सात सहेलियों की टोली।
मिलकर रहते सारे,
जैसे दामन और चोली।

उत्तर – सप्ताह के दिन
बूझो भैया एक पहेली,
जब काटो तब नई नवेली।

उत्तर – पेंसिल
दिन में सोये,
रात को रोये
जितना रोये
उतना खोये।

उत्तर – मोमबत्ती
नए जमाने का बच्चा हूँ,
पर कान का कच्चा हूँ। 
तुम जो कहते इस पार,
पहुँचा देता हूँ उस पार।

उत्तर – टेलीफोन
हरी डिब्बी, पीला मकान,
उसमें बैठे कालू राम।

उत्तर – पपीता और बीज
मैं हूँ हरे रंग की रानी,
देखकर आये मुँह में पानी।
जो भी मुझको चबाएँ
उसका मुँह लाला हो जाए।

उत्तर – पान
उल्टा-सीधा एक समान,
तीन अक्षर का मेरा नाम।
मुझसे सुन्दर दिखे जहान,
जरा बताओ मेरा नाम?

उत्तर – नयन
बेशक न हो हाथ में हाथ,
जीता है वह आपके साथ।

उत्तर – परछाई
पैर नहीं पर चलती हूँ,
कभी न राह बदलती हूँ।
नाप-नाप कर चलती हूँ,
तो भी न घर से टलती है।

उत्तर – घड़ी
हुगली नदी पर बना,
ऐसा है एक सेतू।
चार खंभों पर टिका हुआ,
लोगों को पार कराने हेतू।

उत्तर – हावड़ा ब्रिज
कमर बाँध कोने में पड़ी,
बड़ी सबेरे अब है खड़ी।

उत्तर – झाड़ू
चलने को तो चलाता हूं गर्मी में सुख पहुंचाता हूं
पैर भी है मेरे तीन मगर आगे बढ़ नहीं पाता हूं

उत्तर – पंखा
कहे लोमड़ी लगते दूर,
फल है कौन बताओ हुजूर।

उत्तर – अंगूर
तीन रंग की तितली,
नहा धोकर निकली।

उत्तर – समोसा
हरा चोर लाल मकान
उसमें बैठा काला शैतान
गर्मी में वह है दिखता
सर्दी में गायब हो जाता बताओ क्या ?

उत्तर – तरबूज
डगमग-डगमग, हिलता-डुलता,
सागर की लहरों पर चलता।
जल सेना का साथी सच्चा,
नाम बताओ उसका बच्चा।

उत्तर – पानी का जहाज़
काला घोड़ा, सफेद सवारी,
एक उतरा तो दूसरे की बारी।

उत्तर – तवा और रोटी
मैं हूँ एक ऐसा जीव,
कभी नहीं मर सकता हूँ,
मेरा निश्चित आकार नहीं,
जैसा चाहूँ बन सकता हूँ।

उत्तर – अमीबा
बावन सेकंड में गाया जाऊँ,
बोलो बच्चो क्या कहलाऊ।
गुरुदेव टेगोर की रचना न्यारी,
गाने में लगती है प्यारी।

उत्तर – राष्ट्र गान
मैं हरी, मेरे बच्चे काले,
मुझे छोड़ मेरे बच्चे खा ले।

उत्तर – इलायची
तारों की जो ओढ़ चुनरिया,
साँझ ढले आ जाती है,
बच्चों, बोलो कौन हैं वो,
जो चाँद से मिलवाती है।

उत्तर – रात
गलती को में खूब मिटाती,
घिसते-घिसते खुद घिस जात।
बच्चों की मैं पक्की मित्र,
मिटा-मिटा बनवाती चित्र।

उत्तर – रबड़
काले वन की रानी है,
लाल पानी पीती है।

उत्तर – खटमल
मैं अलबेला कारीगर
काटू काली घास,
राजा, रंक और सिपाही,
सिर झुकाते मेरे पास।

उत्तर – नाई
याद सुबह मैं आता हूँ,
दाँतों को चमकाता हूँ।
करके अपना कार्य समय से
दिनभर फिर सुस्ताता हूँ।

उत्तर – टूथब्रश
हरी डंडी, लाल कमान,
तौबा – तौबा करे हर इंसान।

उत्तर – लाल मिर्च
मुझे सुनाती सबकी नानी,
प्रथम कटे तो होती हानि,
बच्चे भूले खाना, पानी,
एक था राजा, एक थी रानी।

उत्तर – कहानी
चार अक्षर का मेरा नाम,
खबरें देना मेरा काम।
रोज सवेरे घर पर आता,
बाल कहानी, कविता लाता।

उत्तर – अखबार
एक पैर है काली धोती,
जाड़े में वह हरदम सोती।
गरमी में है छाया देती
सावन में वह हरदम रोती।

उत्तर – छतरी
गोल-गोल चेहरा,
पेट से रिश्ता गहरा।

उत्तर – रोटी
जो करता है वायु शुद्ध,
फल देकर जो पेट भरे।
मानव बना है उसका दुश्मन,
फिर भी वह उपकार करे।

उत्तर – पेड़
एक पहेली मैं बुझाऊँ,
सिर को काट नमक छिड़काऊँ।

उत्तर – खीरा
बिना तेल के जलाता है,
पैर बिना वो चलता है।
उजियारे को बिखार कर,
अंधियारे को दूर करता है।

उत्तर – सूरज
धूम धड़ाका खूब करूँ मैं,
तीन अक्षर का मेरा नाम।
अंतिम अक्षर ‘ख’ है मेरा,
नाम बताओ भोलूरा।

उत्तर – पटाखा
ऊँट की बैठक, हिरन की चाल,
बोलो वह कौन है पहलवा।

उत्तर – मेढ़क
काला हूँ, कलूटा हूँ,
हलवा पूरी खिलाता हूँ।

उत्तर – कड़ाही
खट्टा मगर रसीला हूँ,
ऊपर से हरा या पीला हूँ।
गर्मी में मेरी आती बहार,
लगा दूँ रस की धा।

उत्तर – नींबू
हजार लाख में रहे अँधेरा,
मात्र एक हीं में उजाल।

उत्तर – चाँद
जितना ज्यादा सेवा करता
उतना घटता जाता हूं
सभी रंग का नीला पीला
पानी के संग भाता हूं।

उत्तर – साबुन
धन-दौलत से बड़ी है यह,
सब चीजों से ऊपर है यह।
जो पाए पंडित बन जाए,
बिन पाए मूर्ख रह जाए।

उत्तर – विद्या
पगरी में भी, गगरी में भी,
और तुम्हारी नगरी में भी।
कच्चा खाओ, पक्का खाओ
शीश में मेरा तेल लगाओ।

उत्तर – नारियल
दो सुंदर लड़के
दोनों एक रंग के
एक बिछड़ जाए
तो दूसरा काम ना आए ?

उत्तर – जूता
लकड़ी का एक तख्ता चौकोर,
जिसमें खेल होता है इनडोर।
खेल सकते हैं चार खिलाड़ी,
पंकज नमन कमल किशोर।

उत्तर – कैरमबोर्ड का खेल
वह पाले नहीं भैंस, ना गाय,
फिर भी दूध मलाई खाय।
घर बैठे हीं वह करे शिकार,
रिश्ते में भी है, वह मौसी यार।

उत्तर – बिल्ली
एक महल के दो रखवाले,
दोनों लम्बे दोनों काले,
ठाकुरों की शान है वह,
मर्दों की जान है वह।

उत्तर – मूंछ
महापुरुषों की धरोहर,
है देश की शान।
तीन रंगों में लहराता,
राष्ट्र की पहचान।

उत्तर – तिरंगा
कटोरा पर कटोरा,
बेटा बाप से भी गोरा।

उत्तर – नारियल
सुंदर-सुंदर ख्वाब दिखाती
पास सभी के रात में आती
थके मंडे को दे आराम
जल्द बताओ उसका नाम ?

उत्तर – नींद
मैं तीन अंकों की संख्या,
सोचो तो मैं कौन हूँ?
मैं ठग-बदमाशों की संज्ञा,
बूझो तो मैं कौन हूँ?

उत्तर – 420
भवनों से मैं नजर आता, 
सब बच्चों को खूब भाता।
दूर का हूँ लगता मामा,
रूप बदलता पर दिल को भाता।

उत्तर – चंद्रमा
एक घोड़ा ऐसा जिसकी छः टांगे दो सुम
और तमाशा ऐसा देखा पीठ के ऊपर दुम ?

उत्तर – तराजू
बूझो बच्चों एक पहेली,
काली थाल की गोरी सहेली।
घूम-घूम कर नाच दिखाती,
फूल के मैं कुप्पा हो जाती।

उत्तर – रोटी
एक पाँव का काला मेंढक,
वर्षा काल में आता।
 बहुत बरसता है जब पानी,
उपयोगी मैं बन जाता।

उत्तर – छाता
एक थाल मोती से भरा,
सबके सिर पर औंधा धरा।
चारों ओर वह थाली फिरे,
मोती उससे एक न गिरे।

उत्तर – आसमान और तारा
ऊँचा-ऊँचा जो उड़े,
न बादल न चील।
कभी डोर उसकी खींचे,
कभी पेंच में ढील।

उत्तर – पतंग
बिना पाँव पानी पर चलती, 
बत्तख नहीं, ना पानी की रानी।
उसे न चाहिए सड़क या पटरी,
सिर्फ चाहिए गहरा पानी।

उत्तर – नाव
आदत कुछ कर गुजर जाने की,
जरूरत बस आपका साथ निभाने की।
कहानियों को दी साँसे, इतिहास किया दफ़न,
मैंने ही सींचे सपने, करो मेरी शक्ति को नमन।

उत्तर – कलम
बादल बरसे बिजली चमके,
या बरसे अंगारा।
मातृभूमि की रक्षा खातिर,
बीते जीवन हमारा।

उत्तर – फौजी
सात रोज में हूँ आता,
बालकों का हूँ चहेता।
वे करते हैं बस मुझसे प्यार,
नित्य करते हैं मेरा इंतजार।

उत्तर – रविवार
आसमान में उड़े,
पेड़ पर न घोंसला बनाएँ।
तूफान से डरे,
रहने को धरती पर आ जाएँ।

उत्तर – हवाई जहाज
सउमा मेरा उल्टा नाम,
कम्प्यूटर पर करता का।

उत्तर – माउस
कान मरोड़ो, पानी दूँगा,
मैं कोई पैसे नहीं लूँगा।

उत्तर – नल
अश्व की सवारी, भाला ले भारी।
घास की रोटी खाई, जारी रखी लड़ाई।

उत्तर – महाराणा प्रताप सिंह
तीन अक्षरों का शब्द,
आदि कटे से गरदन प्यारी।
मध्य कटे से संक्षेप बने,
अंत कटे से बने तरकारी।

उत्तर – सागर
रंग है उसका पीला, 
तपाया है तो ढीला।
पीटा है तो फैला, 
कीमती है तो छैला।

उत्तर – सोना
आज यहाँ कल वहाँ रहे, नहीं किसी के पास रुके।
और रुक जाए किसी के घर, तो फिर घुमा देता है सर।

उत्तर – पैसा
एक अनोखा डिब्बा वो,
जो बोले और दिखा।
करे मनोरंजन सबका,
हर घर में पाया जाए।

उत्तर – टीवी
खबर लाता हूँ सुबह
नहीं लगाता हूँ देर मैं।
फेंक दिया जाता हूँ,
दूसरे दिन रद्दी के ढेर में।

उत्तर – अख़बार
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20 मजेदार पहेलियाँ उत्तर सहित | 20 Paheli in Hindi With Answer

एक प्लेट में तीन चम्मच।

उत्तर – पंखा
लाल घोड़ा अड़ा रहे,
काला घोड़ा भागता जाये।

उत्तर – आग और धुँआ
बेशक न हो हाथ में हाथ पर जीता है वह आपके साथ बताओ क्या ?

उत्तर – परछाई
ऐसी कौन सी चीज है, जिसे लड़का हर रोज पहनता है, और लड़की साल मे एक बार पहनती है।

उत्तर – जनेऊ
जहां शहर तो है पर जीवन नहीं, जहां नदी तो है पर जल नहीं।

उत्तर – नक्शा
खड़ा पर भी खड़ा,
बैठने पर भी खड़ा।

उत्तर – सींग
आगे ‘प‘ है मध्य में भी ‘प‘, अंत में इसके ‘ह‘ है,
कटी पतंग नहीं ये भैया, न बिल्ली चूहा है।
वन में पेड़ों पर रहता है, सुर में रहकर कुछ कहता है,
बताओ क्या।।

उत्तर – पपीहा
हरी-हरी पोशाक हमारी,
हरा- भरा है सबका रूप।
पौधों को भोजन हम देते,
जब भी मिलती हमको धूप।

उत्तर – पत्ती
एक प्लेट में तीन चम्मच।

उत्तर – पंखा
एक प्लेट में तीन चम्मच।

उत्तर – पंखा
एक प्लेट में तीन चम्मच।

उत्तर – पंखा
पापा ने बोला बेटी से,
भूख लगे तो खा लेना,
प्यास लगे तो पी लेना,
ठण्ड लगे तो जला लेना।

उत्तर – नारियल
हरा मकान, लाल दुकान,
और उसमें बैठता लल्लूरा।

उत्तर – तरबूज
चक दाना बिचक दाना, दाने ऊपर दाना।
छज्जे ऊपर मोर नाचे, लड़का है दीवाना।

उत्तर – अनार
छोटा मोटा राजकुमार,
कपडा पहने एक हजार।

उत्तर – प्याज
बोल नहीं पाती हूँ मैं, 
और सुन नहीं पाती।
बिना आँखों के हूँ अंधी,
पर सबको राह दिखाती।

उत्तर – पुस्तक
एक नारी के हैं दो बालक, दोनों एकहिं रंग।
एक फिरे एक ठाठ रहे, फिर भी दोनों संग।

उत्तर – चक्की
हरा ताज वह पहने आई,
फिरती फूली-फूल।
गोरा रंग है उसका,
बताओ नाम बड़ी मामूली।

उत्तर – मूली
देखी रात अनोखी वर्षा,
सारा खेत नहाया।
पानी तो पूरा शुद्ध था, 
पर पी न कोई पाया।

उत्तर – ओस
तीन अक्षर का मेरा नाम,
बीच कटे तो रिश्ते का ना।
आखिरी कटे तो सब खाए,  
भारत के तीन तरफ दिखा।

उत्तर – सागर

बूझो तो जाने | Bujho To Jaane

एक बादल ऐसा, जब मन आये गरजता।
वैसे तो दुःख और सुख है इसके, मौसम पर बिन मौसम भी बरसता।
दुःख का यह साथी बनता, सुख में भी जमकर बरसता।
समय की ना परवाह करे, सब के पास हर पल यूँ ही पड़े रहे।

उत्तर – आंसू
कोई कहे मुझे आँसू,
कोई कहे मुझे मोती।
सरिसर्प मुझे चाट लेटे,
मैं जब भी पत्तों पर होती।

उत्तर – ओस
शुरू कटे तो कान कहलाऊँ,
बीच कटे तो मन बहलाऊँ।
परिवार की मैं करूँ सुरक्षा
बारिश, आँधी, धूप से रक्षा।

उत्तर – मकान
एक साथ आए दो भाई,
बिन उसके बजे ना शहनाई।
पीट-पीटकर मिलता संगत,
उसके बिना महफ़िल में आए ना रंगत।

उत्तर – तबला
रंग-बिरंगी ठंडी-ठंडी,
फ्रिज में जमा रहती।
बर्फ जमा है साथ मेरे,
गर्मी में राहत देती।

उत्तर – आइसक्रीम
खाते नहीं चबाते लोग,
काठ में कड़वा रस संयोग |
दांत जीभ की करे सफाई
बोलो बात समझ में आई?

उत्तर – दातून
एक किले में पचास चोर,
सबका मुँह काला।
पूंछ पकड़ कर आग लगाई,
झट कर दिया-उजाला।

उत्तर – माचिस
लाल हूँ मैं,
खाती हूँ सूखी घास।
पानी पीकर मर जाऊँ,
जल जाए जो आए मेरे पास।

उत्तर – आग
सोने की वह चीज है, 
पर बेचे नहीं सुना।
मोल तो ज्यादा है नहीं,
 बहुत है उसका भार।

उत्तर – चारपाई
दो दलों का खेल,
एक दल में खिलाड़ी सात।
उठा-पटक, कर-धकेल,
हाथ चले, चले लात।

उत्तर – कबड्डी
पौधों को मैं जकड़े रहती,
मिट्टी के अन्दर घर मेरा।
लवण और जल पहुंचाती,
बताओ क्या नाम मेरा?

उत्तर – जड़
नकल उतारे सुनकर वाणी,
चुप-चुप सुने सभी की कहानी।
नील गगन है इसको भाए,
चलना क्या उड़ना भी आ।

उत्तर – तोता
ऐसी कौन सी चीज है, जो हमें अपने जीवन में दो बार तो फ्री में मिलती है।
लेकिन तीसरी बार हमें पैसे देने पड़ते हैं।

उत्तर – दांत
ऊपर से कुछ हरा-भरा,
अंदर से है भरा-भर।
छिलके दूर हटा लो जी,
बीज नहीं है खा लो जी।

उत्तर – केला
राजा महाराजाओं के ये,
कभी बहुत आया काम।
संदेश इसने पहुचाएँ,
सुबह हो या शाम।

उत्तर – कबूतर

Paheliyan in Hindi With Answer 2023 Image

पीली हरी हवेली एक,
उसमें बैठे कालू राम।
पेट साफ करता हूँ मैं,
बोलो बहू मेरा नाम।

उत्तर – पपीता
बैठ तार में आती वह,
घर के दीप जलाती वह।
कई मशीनों का है वह प्राण,
बोलो क्या कहलाती वह।

उत्तर – बिजली
बोटी-बोटी करूं सरे आम, गली-कूचों में मैं बदनाम।
दो अक्षर का नाम मेरा, रोज पड़े दुनिया को काम।

उत्तर – चाक़ू
मध्य कटे तो सास बन जाऊँ,  
अंत कटे तो सार समझाऊ।
मैं हूँ पक्षी, रंग सफेद,
बताओ मेरे नाम का भेद।

उत्तर – सारस
मांस नहीं, हड्डी नहीं, सिर्फ उंगलियां मेरी।
नाम बता भई कौन हूँ मैं, जानूँ अक्ल मैं तेरी।

उत्तर – दस्ताने
एक हाथ है लकड़ी की डंडी, 
बने हुए हैं इसमें आठ घर।
ज्यों-ज्यों  हवा जाए उस भवन में,
त्यों-त्यों निकले हैं मीठे स्वर।

उत्तर – बाँसुरी
हरी- भरी देखो काया,
चार आखर का नाम हैं पाया।
छुते ही मैं कुम्हला जाती हूं,
बतलाओ क्या मैं कहलाती हूं।

उत्तर – छुई मुई
उड़ नहीं सकती मैं वायु में, 
 चल नहीं पाती सड़कों पर।
लेकिन लाखों पर्यटकों को, 
पहुँचाती हूँ इधर-उधर।

उत्तर – रेल
देखने वाला उसे पहन न पाए,
पहनने वाला उसे देख न पाए।
इस अजीब वस्तु का नाम बताओ
अक्लमंद होने का सबूत पाओ।

उत्तर – कफ़न
बिन जिसके हो चक्का जाम।
पानी जैसी चीज है वह,
झट से बताओ उसका नाम।

उत्तर – पेट्रोल

छोटी पहेलियाँ उत्तर सहित | Easy Paheliyan in Hindi With Answer

एक अनोखा ऐसा देखा।
जिसकी दुम पर पैसा देखा।

उत्तर – मोर
ऐसा कौन सा फल है,
 जो मीठा होने के बावजूद बाज़ार में नहीं बिकता।

उत्तर – सब्र का फल
बिना सहारे लटक रहे हैं,
बिन बिजली के चमक रहे हैं।

उत्तर – तारे
सफेद मुर्गी, हरी पूँछ,
तुझे ना आए काले से पूछ।

उत्तर – मूली
केरल से आया टिंगू काला।
चार कान और टोपी वाला।

उत्तर – लौंग
न भोजन खाता, न वेतन लेता,
फिर भी पहरा डटकर देता।

उत्तर – ताला
दुनिया का कौन-सा जीव है,
जिसकी पांच आँखें होती हैं?

उत्तर – मधुमक्खी
वो कौन सी चीज है जो हमेशा बढ़ती है कभी कम नहीं होती है

उत्तर – उम्र
छोटा हूँ पर बड़ा कहलाता,
रोज दही की नदी में नहाता।

उत्तर – दहीबड़ा
बीसों का सिर काट लिया,
न मारा न खून किया।

उत्तर – नाखून
मम्मी जी का मीठा गाना,
मेरे जी को लगे सुहाना।

उत्तर – लोरी
चाय गरम है, गरम है पानी, दूध गरम, घंटे बीते।
चाहे संकट हो, रात हो चाहे, बड़े मजे से सब पीते।

उत्तर – थर्मस
चार खंभे चलते जाएं, सबसे आगे अजगर।
पीछे सबके सांप चल रहा, फिर भी तनिक नहीं है डर।

उत्तर – हाथी
टोपी है हरी मेरी, लाल है दुशाला।
पेट में अजीब लगी, दानों की माला।

उत्तर – मिर्च
तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर।
आगे तीतर पीछे तीतर, बोलो कितने तीतर।

उत्तर – तीन तीतर

Hindi Paheliyan With Answer | Best Paheli in Hindi With Answer

एक पेड़ का अंग्रेजी नाम,
वह है हथेली मेरी
खुशी ओमी एकता रानी,
अरे बूझ पहेली मेर।

उत्तर – पाम ट्री
चार ड्राइवर क सवारी,
उसके पीछे जनता भार।

उत्तर – मुर्दा
काला मुँह लाल शरीर, कागज को वो खा जाता।
रोज शाम को पेट फाड़कर, कोई उन्हें ले जाता।

उत्तर – लेटर बॉक्स
पवन सवारी लेकर उडूं,
धरती से आकाश।
जीवों को जीवन देने,
लाऊँ मैं प्रकाश।

उत्तर – वाष्प
सर्दी की रात मैं नभ से उतरूँ,  
 लोग कहते हैं मुझे मोत।
सूर्य का प्रकाश देखते हीं,
मैं गायब होती।

उत्तर – ओस
खाना कभी नहीं खाता वह, और ना ही पीता पानी।
उसकी बुद्धि के आगे, हार गये बड़े-बड़े ज्ञानी।

उत्तर – कंप्यूटर
करती नहीं यात्रा दो गज,  
फिर भी दिन भर चलती है।
रसवंती है, नाजुक भी,
लेकिन गुफा में रहती है।

उत्तर – जीभ
डिब्बा देखा एक निराला,
ना ढकना न ताला।
न पेंदा ना ही कोना,
बंद है उसमें चांदी सोना।

उत्तर – अंडा
खुशबू उसकी सबसे न्यारी,
कलियां भी लगती है प्यारी।
फूल बड़ा ही यह है सुंदर,
गुलकंद इसका पान के अंदर।

उत्तर – गुलाब
नहीं सुदर्शन चक्र मगर,
मैं चकरी जैसा चलत।
सिर के ऊपर उल्टा लटका
फर्श पर नहीं उतरता।

उत्तर – पंखा
पास में उड़ता – उड़ता आए, 
क्षण भर देखूँ , फिर छिप जा।
बिना आग के जलता जाए, 
सबके मन को वह लुभा।

उत्तर – जुगनू
छिलके को दूर हटाते जाओ, 
बड़े स्वाद से खाते जाओ।
इतना पर अवश्य देखना, 
छिलके इसके दूर हीं फेंखना।

उत्तर – केला
आँखें दो हो जाए चार, 
मेरे बिना कोट बेकार।
घुसा आँखों में मेरा धागा,
दर्जी के घर से मैं भाग।

उत्तर – बटन
तरल हूँ पर पानी नहीं,
 चिपचिपा हूँ पर न गोंद  हूँ।
मीठा हूँ पर चॉकलेट नहीं,
 मधुमक्खियों द्वारा मैं बनता हूँ।

उत्तर – शहद
तेरा नाम जानती हूँ, तेरा पता मैं जानती हूँ।
मुझे देख दुनिया यह कहे, हाँ इसे मैं जानती हूँ।

उत्तर – पहचान पत्र
दो सुंदर लड़के,
दोनों एक रंग के।
एक बिछड़ जाए,
तो दूसरा काम न आए।

उत्तर – जूता
धूप देख मैं आ जाऊँ, छाँव देख शर्मा जाऊँ।
जब हवा करे मुझे स्पर्श, मैं उसमें समा जाऊँ।

उत्तर – पसीना
सात गांठ की रस्सी,
गांठ – गांठ में रस।
इसका उत्तर जो बताए,
उसको देंगे रूपए दस।

उत्तर – जलेबी
पानी पीकर हवा उगलता, गरमी में आता हूँ काम।
सर्दी में मेरा नाम न लेना, अब बतला दो मेरा नाम।

उत्तर – कूलर
पढ़ने में, लिखने में,
दोनों में हीं आता काम।
कलम नहीं, कागज़ नहीं,
बताओ क्या है मेरा नाम।

उत्तर – चश्मा

Paheliyan in Hindi With Answer Image

हाल – चाल यदि पूछो उससे,
नहीं करेगा सीधे बात।
सीधा  सादा लगता है,
पर पेट में रखता है वह दांत।

उत्तर – अनार
ऐसा एक अजब खजाना,
जिसका मालिक बड़ा श्याना।
दोनों हाथों से लुटाता,
फिर भी दौलत बढ़ता हीं जाता।

उत्तर – ज्ञान
सिर काट दो, मन दिखता हूँ,  
पैर काट दो, आदर बना दूँ।
पेट काट दो, कुछ न बताता,
प्रेम से अपना शीश नवाता।

उत्तर – नमन
लाल – लाल आँखें,
लंबे – लंबे कान।
रुई का फुहासा,
बोलो क्या है उसका नाम ?

उत्तर – खरगोश
तीन अक्षर का शहर हूँ,
विश्व में प्रसिद्ध हूँ।
अंत कटे तो आग ब जाऊँ,
मध्य कटे तो आरा कहलाऊँ।

उत्तर – आगरा
हरी-हरी मछली के
हरे-हरे अंडे।
जल्दी से बूझो पहेली
नहीं तो पड़ेंगे डंडे।

उत्तर – मटर
काली तो है, पर काग़ नहीं, लंबी तो है, पर नाग नहीं।
बल तो खाती, पर डोर नहीं, बांधते तो है, पर ढोर नहीं।

उत्तर – बांसुरी
जंगल मेरी जन्मभूमि है,
महफिल मेरा धाम।
सबके होंठ लग कर देती,
सरगम का पैगाम।

उत्तर – बाँसुरी
एक सींग की ऐसी गाय,
जितना दो उतना हीं खाए।
खाते  खाते गाना गाए,
पेट नहीं उसका भर पाए।

उत्तर – आटा चक्की
आदि कटे तो गीत सुनाऊँ, 
मध्य कटे तो संत बन जाऊँ।
अंत कटे साथ बन जाता, 
संपूर्ण सबके मन को भाता।

उत्तर – संगीत

FAQs on Paheliyan in Hindi

पहेलियाँ क्या होती हैं?

पहेलियाँ एक प्रकार की गतिविधि होती हैं जिसमें एक प्रश्न पूछा जाता है और उसका उत्तर ढूंढना होता है। ये प्रश्न आम तौर पर भाषा, विचार, और बुद्धि के अभिव्यक्ति का माध्यम होते हैं।

पहेलियों का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

पहेलियों का मुख्य उद्देश्य मनोरंजन प्रदान करना होता है और दिमागी क्षमता को विकसित करने में मदद करना होता है। ये विभिन्न विचारधाराओं के साथ सोचने का मौका प्रदान करती हैं और बुद्धि को चुनौतियों का सामना करने की क्षमता देती हैं।

पहेलियों का इतिहास क्या है?

पहेलियों का उल्लेख प्राचीन समय से होता आ रहा है, जब लोग इसे इस्तेमाल करते थे ताकि वे बुद्धि का विकास कर सकें। इन्हें मनोरंजन के रूप में भी प्रयोग किया जाता था। विभिन्न क्षेत्रों और समय के अनुसार वे विभिन्न रूपों में उत्पन्न होती रही हैं।

पहेली शब्द कहाँ से लिया गया है ?

पहेली शब्द हमारे सबसे पुराने वेदों में से एक ऋग्वेद में उल्लेखित श्लोक से लिया गया है। पहेली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द प्रहेलिका’ या ‘प्रहेलि’ से हुई है।

पहेलियाँ बच्चों के विकास में कैसे मदद करती हैं?

पहेलियाँ बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये उन्हें समस्याओं का सामना करने की क्षमता देती हैं, जिससे उनकी बुद्धि विकसित होती है। इन्हें समझने और समाधान के लिए लगातार प्रयास करने से उनकी चिंतन शक्ति में सुधार होता है।

पहेलियाँ कितने प्रकार की होती हैं?

पहेलियाँ विभिन्न प्रकार की होती हैं जैसे शब्द पहेलियाँ, गणितीय पहेलियाँ, लॉजिकल पहेलियाँ, और चित्र पहेलियाँ। ये विभिन्न विचारधाराओं से संबंधित होती हैं और लोगों के दिमाग की चालकता को जांचने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।

ऐसा कौन सा प्रश्न है जिसका उत्तर हर वक्त बदलता रहता है?

समय (Time) पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर हर वक्त बदलता रहता है।

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